Codistar syrup बहुत ही महत्वपूर्ण दवाई है। यह दवाई कांबिनेशन की सहायता से तैयार की गई है। Codistar syrup का निर्माण कई तरह के जड़ी बूटी व केमिकल्स के द्वारा किया गया है। यह दवा आपकी सोचने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है जो पूरी तरह से कोडिन के एक संयोजन से मिलकर बना है। आमतौर पर इसे केवल कुछ ही टाइम के लिए लेना चाहिए जब तक की बीमारी ठीक न हो जाए।
Codistar syrup uses in hindi की बात करें तो यह हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है लेकिन अगर हम इसका सेवन गलत तरीके से करेंगे तो हमारे शरीर के लिए बहुत ही नुकसानदायक होगा। इस दवा का सेवन करते समय शराब का इस्तेमाल न करें।
अगर आप इस दवा का सेवन कर रहे हैं एवं उसके साथ में आप शराब भी पी रहे हैं तो यह आपके लिए बहुत ही नुकसानदायक होगा जिससे कि आपको ज्यादा नींद आने लगेगी, चक्कर आने लगेंगे और कई सारी बीमारियां भी हो सकती है। इस दवा को गर्भवती महिलाएं नहीं ले सकती है क्योंकि इससे बच्चे पर बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ सकता हैं।
Codistar syrup uses in hindi
Codistar syrup का उपयोग कुछ समस्याओं जैसे कि सूखी खांसी तथा आंखों से पानी आना, गले में खराश आदि के इलाज के लिए किया जाता है । इस दवा को सामान्यतः विभिन्न तरह के एलर्जी के दौरान भी उपयोग किया जाता है। Codistar syrup uses in hindi के उपयोग निम्नलिखित हैं –
- खांसी के इलाज में Codistar syrup बहुत ही जरूरी है इसका उपयोग नियम के अनुसार ही करना चाहिए इतना ही नहीं यह सर्दी के मौसम में भी बहुत अधिक काम आता हैं।
- Codistar syrup का उपयोग आंखों से पानी आना, गले में खराश होना या फिर जुकाम के कारण सांस लेने में दिक्कत होना आदि इन सभी बीमारियों में इस दवा का सेवन करने से बहुत आराम मिलता है।
- यह दवा को भोजन करने के बाद या फिर कुछ खाने के बाद ही लेना चाहिए। कई तरह की बीमारियों के इलाज के लिए इस दवा का सेवन करना हमारे लिए बहुत ही लाभकारी हो सकता हैं जिससे कि हमारा शरीर भी तंदुरुस्त एवं स्वस्थ रहेगा।
- गले में जलन होना, ज्यादा छींक आना, फ्लू आदि कई सारी बीमारियों में Codistar syrup का इस्तेमाल किया जाता है। जुकाम से नाक बंद हो जाना या फिर अन्य कोई दिक्कत होने पर हम इस दवा का सेवन आराम से कर सकते हैं।
- यदि हम Codistar syrup uses in hindi की बात करें तो यह एक प्रकार की कांबिनेशन दवा है जिसका मुख्य रूप से इस्तेमाल सुखी खांसी के इलाज के रूप में किया जाता है। इसके अलावा यह दवा हमारे शरीर में पहुंचकर मस्तिष्क में खांसी के केंद्र की गतिविधि को कम करने का कार्य करती हैं।
- यह एलर्जी के कई तरह के लक्षणों जैसे की आंखों से पानी आना, गले में इरिटेशन, छींक आदि से भी राहत दिलाती हैं। इसके अलावा यह दवा राइनाइटिस, अर्टिकेरिया, कई प्रकार की एलर्जी, आंखों से पानी आना तथा ठंड महसूस होना आदि जैसी बीमारियों को दूर करने और इससे राहत पाने में भी अत्यधिक लाभकारी है।
- Codistar syrup का उपयोग सामान्य जुकाम, त्वचा तथा गले में खुजली, नासिक प्रदाह, गीली आंखें, प्रत्यूर्जता, खांसी, मध्यम से थोड़ा अधिक गंभीर दर्द से राहत, दस्त, तीव्रगाहिता संबंधी आघात तथा भोजन की वजह से प्रत्यूर्जतात्मक आदि जैसी निम्नलिखित गंभीर बीमारियों, स्थितियों तथा लक्षणों के सुधार, उपचार, रोकथाम तथा नियंत्रण के लिए किया जाता है।
- Codistar syrup को मैनकाइंड फार्मा लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है। इस दवा का मुख्य रूप से इस्तेमाल ओरल नाविक से किया जाता है। श्वसन से संबंधित समस्याओं के इलाज के लिए डॉक्टर इस दवा का उपयोग करने की सलाह देते हैं। यदि किसी कारणवश आपको एलोपैथिक दवा खाना में यह दवा न मिल पाए तो आप इसके Substitute का उपयोग भी कर सकते हैं।
- Codistar syrup दो तरह के औषधियों क्लोरफेनिरेमाइन मेलेट तथा डेक्स्ट्रोमेथोर्फैन हाइड्रोब्रोमाइड से मिलकर बना है। यह सुखी कफ से आराम दिलाने में मदद करता है। क्लोरफेनिरेमाइन मेलेट एक प्रकार की एंटी एलर्जिक दवा है जो केमिकल मैसेंजर हिस्टामाइन के प्रभाव को कम करके एलर्जी से जुड़ी कफ को कम करने में अत्यंत उपयोगी होता है। डेक्स्ट्रोमेथोर्फैन हाइड्रोब्रोमाइड एक बलगम को कम करने की दवा है जो ब्रेन में पहुंचकर कफ सेंटर की चाल चलन को धीमी करके कफ से राहत दिलाता है।
Conclusion
यह दवा का उपयोग करने से पहले हमें एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए ताकि इस दवा का सेवन हम अच्छे तरीके से कर सकें और सही नियमानुसार कर सकें। लेकिन यदि आप डॉक्टर से सलाह लिए बिना Codistar syrup का सेवन करते हैं तो हम इसकी जिम्मेवारी नहीं लें सकते हैं। इतना ही नहीं इस दवा को चम्मच से नहीं बल्कि दवा की बोतल में एक सफेद रंग का ढक्कन दिया जाता है जिसमें कितना दवा पीना है लिखा हुआ रहता है उसी हिसाब से हमें दवा का सेवन करना चाहिए। अगर यह दवा शरीर को स्वस्थ करता है। अगर अगर डॉक्टर से सलाह नहीं लिए तो और अपने मन से जैसे तैसे खा ले या पीले तो यह हमारे शरीर के लिए बहुत ही नुकसानदायक होगा और ज्यादा बीमार पड़ जाएंगे।